ताडितः स तदा तत्र गोदेन क्रोधमूर्तिना।
आस्कन्धभागमामध्यभाग भिन्नो द्विधाभवत्।।
उस समय उस क्रोधित गोदाजी के प्रहार से वह मुसेखान, कंधे से मध्यभाग तक कटकर उसके दो टुकड़े हो गये।
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