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शिवभारतम् • अध्याय 14 • श्लोक 6
तेनानकनिनादेन परसैनिकमानसम् । चकम्पे पवनेनेव सरः सपदि मानसम् ॥
जैसे वायु से मानस सरोवर अचानक कंपित हो जाता है, उसी प्रकार उस दुंदुभी के ध्वनि से शत्रु के मन कंपित हो गये।
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