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शिवभारतम् • अध्याय 14 • श्लोक 59
ताडितस्स भुजे मुसेखानेन वेगिना। नावेपत महावीरो वातेनेववनहुमः ।।
वेगवान् मुसेखान द्वारा बायीं भुजा पर प्रहार करने से भी वह महावीर, जैसे वायु से वनवृक्ष कम्पित नहीं होता है, वैसे ही वह कम्पित नहीं हुआ।
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