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शिवभारतम् • अध्याय 14 • श्लोक 54
उहामोड्डानशींडाभिर्डाकिनीभिस्समं तदा । वपूंषि पुपुषुः स्वानि शाकिन्यस्सैनिकामिषैः ॥
उस समय भयंकर छलांग लगाने में निपुण ऐसी डाकिनीयों के साथ शाकनियों ने भी सैनिकों के मांस से अपने शरीर को पुष्ट किया।
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