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शिवभारतम् • अध्याय 14 • श्लोक 51
तत्कालकलितोद्दाममुण्डमाला मनोहरः। प्रावर्तत मुदा तत्र प्रमथैस्सहितो हरः ।।
उस समय धारण की हुई भयंकर मस्तकों की माला से मनोहर दिखने वाला शंकर प्रसन्न होकर प्रेमियों के साथ वहां आ गए।
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