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शिवभारतम् • अध्याय 14 • श्लोक 38
अथासिपातैरन्योन्यविहितैः क्षतविग्रहौ। एकेनैव क्षणेनैतो रुधिराद्रो बभूवतुः ।।
तत्पश्चात्, परस्पर किए गए तलवार के प्रहारों से दोनों के शरीर चोटिल होकर क्षणभर में ही रक्तरंजित हो गये।
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