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शिवभारतम् • अध्याय 14 • श्लोक 27
तदा शरफशाहेन सदोभुजमदोद्धतः । मुसेखानेन सरुषा जगत्स्थापकवंशजः ॥ मिनादरतनाभ्यां तु युयुधे भैरवाभिधः । घाण्टिकेन च वीरेण व्यापशीघ्रतरायुधः ॥
तब अशरफशाह से बलशाली सदोजी, क्रोधित मुसेखान से जगताप मिनाद एवं रतन से भैरव, बौर घाटगे के साथ शस्त्र चलाने में निपुण वाघ, ऐसे ये सब लडने लगे।
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