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शिवभारतम् • अध्याय 14 • श्लोक 20
मुसेखान उवाच- अमी महाश्मनां पाताः किमुत्पाताः पदे पदे । समन्तादापतन्तोऽमून् पातयन्ति चमूपतीन् ॥
मुसेखान बोला - नीचे गिरने वाले बड़ी-बड़ी शिलाओं का गिरना मानो पग-पग पर उत्पात ही था, चारों ओर गिरने वाले ये अपने सेनापतियों को मार रहे हैं।
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