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शिवभारतम् • अध्याय 14 • श्लोक 16
गिरिस्थपरिमुक्ताभिः शिलाभिशीर्णवक्षसः। केचित्प्रपद्य वैचित्यमध्वनोॉवतस्थिरे ॥
किले पर स्थित लोगों द्वारा छोड़े गये शिलाओं के द्वारा जिनके वक्षःस्थल चूर्ण हो गये हैं, ऐसे अनेक लोग मूच्छित होकर आधे मार्ग में गिर गए।
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