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शिवभारतम् • अध्याय 14 • श्लोक 15
एकापि गुळिका तत्र नलिकायन्त्रनिर्गता । भित्वाभ्यपातयद् भूमौ जवना यवनान् बहून् ॥
बंदूक से निकली हुई एक ही वेगवान् गोली अनेक यवनों को भेदकर उनको पृथ्वी पर गिराने लगी।
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