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शिवभारतम् • अध्याय 13 • श्लोक 83
क्रुद्धहस्तवदुन्मुक्तपृषत्कोत्कृत्तमस्तकाः । क्षखुधिरदिग्धाङ्गाः कबन्धास्तत्र चुक्रुधुः ॥
वहां पर क्रोधित धनुर्धरों के द्वारा छोड़े गए बाणों से सिर धड़ से अलग हो गए एवं गिरते हुए रक्त से रक्त रंजित शरीर धरती पर गिर गए।
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