ततस्तेषां च तेषां च द्वेषान्धतमसान्तरे ।
आयुधान्यायुधीयानामन्योन्यं परिरेभिरे ॥
उस समय द्वेषरूपी काले अंधकार के मध्य दोनों पक्षों के योद्धाओं के शस्त्रो का एक दूसरे पर प्रहार होने लगा।
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