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शिवभारतम् • अध्याय 13 • श्लोक 74
वडवाम्नीनिवाग्राह्यतमानभ्यागतानिमान् । प्रतिगृह्य प्रतिग्राह्यान् बल्लालो बलवान् बभौ ॥
वडवाग्नि की तरह अत्यंत स्वच्छंदता से आए हुए शत्रुओं को देखकर वडवाग्नि की तरह यह बलवान बल्लाल शत्रु पक्ष का प्रतिकार करते हुए सुशोभित होने लगा।
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