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शिवभारतम् • अध्याय 13 • श्लोक 7
तथा हैबतराजस्य सुतो बल्लाळसंज्ञकः । कृतहस्तः कृती क्रूरकर्मा द्रौणिरिवापरः ॥ सिंहसंहननो ऽनेकैरनीकैः परिवारितः । पुरं शिरोवलं प्राप शिवसैन्येरवारितः ॥
उसी प्रकार उत्तम धनुर्धर, युद्धकुशल, क्रूर, सुन्दर, मानो दूसरा अश्वत्थामा ऐसा हैबत राजा का पुत्र बल्लाल नाम वाला वह अनेक सैनिकों के साथ शिवाजी के सैनिकों के अवरोध से रहित होकर शिरबल पहुंच गया।
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