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शिवभारतम् • अध्याय 13 • श्लोक 62
परेप्यमून् पुरो वीक्ष्य सुरोध्दुरपराक्रमान् । मन्वानाः प्रधनारम्भं धन्वान्यादुधुवुस्तमाम् ॥
देवों की तरह पराक्रमी उन वीरों को सम्मुख देखकर युद्ध का आरम्भ हो गया है, ऐसा मानकर शत्रु भी धनुष चलाने लगे।
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