तत्पश्चात् महामना फतेखान नाम का सेनापति, मिनादशेख एवं रतनशेख, क्रोधित फतेखान, क्रूर, धनुर्धारी एवं यशस्वी शरफशाह ये सभी कवचधारी एवं साधन सुविधाओं से सज्ज यवन तथा वज्र जैसे जिसके बाण हैं, ऐसा मदमस्त घाटगे, फलटण का राजा बाजनाईक एवं सेना के धनुष है पीठ पर जिसके ऐसे स्वर्णकटिबंदो से युक्त, स्वर्ण वस्त्रों से युक्त, स्वर्ण ध्वजाओं से युक्त, स्वर्ण एवं चादी से युक्त ढालों को धारण करने वाले अन्य सैकड़ों सामन्त राजाओं ने बेलसर नाम का शहर बलात अधीन करके वहीं स्थित हो गये।
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