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शिवभारतम् • अध्याय 13 • श्लोक 53
इत्युक्तवति बल्लाळे योधास्तस्य सहस्रशः ॥ सद्यस्तदुर्गमास्थाय विनेदुर्द्विरदा इव ॥
इस प्रकार बल्लाल के कहने पर उसके हजारों सैनिक किले का आश्रय लेकर हाथी के समान गर्जना करने लगे।
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