मुख्य पृष्ठ शास्त्र परिचय ऐप इंस्टॉल करें
शिवभारतम् • अध्याय 13 • श्लोक 50
क्षोदिष्ठमपि दिष्टेन दिष्टेऽमुष्मिन् सुदुर्गमे। दुर्गमेतध्दि सिध्दिन्नो युध्दस्यास्य विधास्यति ॥
भाग्य दैववश आई हुई इस अत्यन्त दुर्गम परिस्थिति में यह अत्यन्त छोटी परिखा भी इस युद्ध में हमारी सिद्धि को प्राप्त करा देगी।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
शिवभारतम् के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।

सभी अध्याय उपलब्ध

शिवभारतम् के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।

सरल अर्थ

प्रत्येक श्लोक के साथ स्पष्ट हिंदी अनुवाद।

ऑफलाइन पढ़ें

इंटरनेट के बिना भी ग्रंथ पढ़ें।
Krishjan
धर्म का अन्वेषण
ऐप इंस्टॉल करें