बल्लाळ उवाच -
मा भैष्ट स्मयबंहिष्ठमवलोक्य द्विषट्वलम्।
प्रधने निधनं श्रेष्ठमश्रेष्ठं हि पलायनम् ॥
बल्लाल बोला - शत्रु की अत्यन्त अभिमानी सेना को देखकर मत डरो, युद्ध में मृत्यु श्रेष्ठ होती है किंतु युद्ध से पलायन निन्दनीय होता।
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