अपनी युद्ध सामग्री को लेकर, अतिशय सज्ज घोड़े पर बैठकर बादल की तरह गर्जना करते हुए वे पुरंदर किले के नीचे उतर गये और रात्रि वही पर व्यतीत करके शत्रु को जीतने के इच्छुक वे सब प्रस्थान अभिमुख होकर, उन्होंने ढोल बजवाया।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
शिवभारतम् के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।
सभी अध्याय उपलब्ध
शिवभारतम् के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।