शत्रुओं का विध्वंस करने वाला, व्यूह युद्ध में आनन्दित होने वाला, महायोद्धा गोदाजी जगताप, मानो दूसरा भीम ही हो ऐसा भयंकर भीमाजी वाघ, शत्रुओं के बाहुबल के अभिमान का नाश करने वाला संभाजी काटे, यमराज की तरह भयंकर युद्धों के अंगों का श्रृंगार, जिसके भाले का अग्रभाग उठा हुआ है ऐसा शिवाजी इंगळे, शत्रुओं की लक्ष्मी का हरण करने वाला, युद्धकार्य में अत्यन्त निर्भय, अत्यन्त भीषण सैन्यबल से युक्त ऐसा सेनापति भीकाजी चोर, शत्रुओं की पीड़ा को बढ़ाने वाला, युद्ध में भैरव की तरह भयंकर, वह भैरव नाम वाला, वह इसका सगा भाई सूर्य के समान तेजस्वी था, अपने-अपने शोभा से शोभायमान इन शूरवीरों ने सैनिकों के स्वामी शिवाजी को प्रणाम करके प्रस्थान किया।
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