अनारतं मनो येषां धर्मपाशनिबन्धनम्।
अलं न तेषां बन्धाय कारागारादिबन्धनम् ॥
जिनके मन सदा धर्मपाश के बंधन से बद्ध है, उनको कारागृह आदि बंधन बांधने में समर्थ नहीं होते हैं।
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