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शिवभारतम् • अध्याय 13 • श्लोक 30
स्वेन धर्मेण सहितं महितं तातमावयोः । महमूदो न चेन्मोक्ता तर्हि भोक्ता स्वकर्म तत् ॥
स्वधर्म में निष्ठा रखने वाले हमारे पिताजी को, यदि महमूदशाह छोडेगा नहीं तो वह अपने कर्मों का फल स्वयं भोगेगा।
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