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शिवभारतम् • अध्याय 13 • श्लोक 27
इमानि गिरिदुर्गाणि पालयन्नातिनिर्वृतः । योत्स्येहमहितैरत्र सन्नद्धानीकसंयुतः ॥
और इन गिरिदुर्गों की रक्षा करते हुए मैं अत्यंत निर्भयता पूर्वक सज्ज सेना से युक्त होकर यहां शत्रुओं से लडूंगा।
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