रुद्धः फरादखानाडीर्विरुध्दैरुध्दतस्मयः ।
योत्स्यते तत्र मे भ्राता विंगरूरपुराश्रयः ॥
बेंगलुरु में रहने वाला, अशदखान आदि शत्रुओं के द्वारा गिरा हुआ अत्यंत स्वाभिमानी मेरा भाई वहां युद्ध करेगा।
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