दोषदर्शी शत्रु, दूसरे के साथ स्पर्धा करने वाला दुष्ट, इनको सांप से भी अधिक अहितकारी जानना चाहिए, जानते हुए भी इनकी उपेक्षा नहीं करनी चाहिए।
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