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शिवभारतम् • अध्याय 13 • श्लोक 2
कवीन्द्र उवाच - शम्भुः स्वपितरं श्रुत्वा निगृहीतमरातिभिः । चुकोप मुस्तुफायोच्चैर्बिङ्गरूरं पुरं श्रयन् ।।
कवीन्द्र बोले - अपने पिता को शत्रुओं ने पकड़ लिया है, ऐसा सुनकर बैंगलोर में रहने वाले संभाजी, मुस्तफाखान पर अतिशय क्रोधित हुए।
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