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शिवभारतम् • अध्याय 13 • श्लोक 11
इति व्यासस्य वचनं श्रुतवानपि पार्थिवः। अविश्वास्यतरे तस्मिन् अहो विश्वस्तां गतः ॥
इस व्यासवचन को जानते हुए भी राजा ने उस अत्यन्त अविश्वासी व्यक्ति पर विश्वास किया, यह कितना बढ़ा आक्षर्य है?
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