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शिवभारतम् • अध्याय 13 • श्लोक 1
मनीषिण उचुः- अथ स्वपितरं श्रुत्वा निगृहीतमरातिभिः । शम्भुराजः किमकरोत् तथा शिवमहीपतिः ।। तं निगृह्य महाराजं मुस्तुफो वाहिनीपतिः । व्यधत्त किमधर्मात्मा महमूदश्च दुर्मतिः ।।
पण्डित बोले - शत्रुओं ने अपने पिता को कैद कर लिया है, ऐसा सुनकर संभाजी और शिवाजी ने क्या किया? उस शाहजी राजा को कैद करके सेनापति मुस्ताफाखान और दुष्ट अधार्मिक महमूदशाह ने क्या किया?
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