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शिवभारतम् • अध्याय 12 • श्लोक 54
प्यधत्त यवनः रवेन कपटेन पटेन यम्। नयं न वेद तं विद्यः शाहः सर्वविदप्ययम्।।
जिस मुस्तुफाखान ने अपने कपटरूपी वस्त्र से जिस राजा को ढक दिया है, ऐसे सर्ववेत्ता उस शहाजी को कुछ ज्ञात नहीं हुआ ऐसा हमें प्रतीत होता है।
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