शीघ्र ही घोडे से कूदकर गरुड की तरह झडप करने वाले तथा बाणों से विदीर्ण हुए शरीर से बहनेवाले रक्त से लथपथ एवं बहुत देर तक युद्ध करने के परिश्रम से मूर्च्छा को प्राप्त हुए, ऐसे महानाहु शहाजी राजा के भूमि का आलिङ्गन करने पर, शत्रुसमूह गर्जना करने लगा एवं भुजाओं को बजाने लगा और भोसले के सैनिकों में बड़ा हाहाकार मच गया।
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