तत्पश्चात किसी ने शहाजी राजा के नौकर को, किसी ने उसके मित्र को, किसी ने उसके अप्रतिम कवच को, किसी ने उसके चंद्र युक्त ढाल को, फिर किसी घोरपडे ने धनुष एवं बाणों को, किसी ने उसकी उच्च ध्वजा को तोड दिया।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
शिवभारतम् के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।
सभी अध्याय उपलब्ध
शिवभारतम् के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।