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शिवभारतम् • अध्याय 12 • श्लोक 44
कुशलो युद्धविद्यायां कुलिशाभेद्यविग्रहः । तेन मल्लाभिघातेन शाहराजो न विव्यथे।।
युद्ध विद्या में कुशल एवं वज्र के लिए भी अभेद्य शरीरवाला वह शहाजी राजा उस भाले के प्रहार से व्यथित नहीं हुआ।
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