खींचे हुए धनुष की टंकार से आकाश को प्रतिध्वनित करने वाला, सिंह जैसी गर्जन एवं बलवान जैसे कंधो वाला, त्र्यंबकराज एवं दत्तराज भाईयों द्वारा रक्षित, देवों ने जैसे इन्द्र की रक्षा की वैसे ही अपनी सेनाओं द्वारा रक्षित, प्रतिकूल वायु के प्रहार से शीघ्र ही हटाये गये उस वीर एवं बलशाली शहाजी राजा को बाजराज आदि ने देख लिया।
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