दसों दिशाओं का विजेता, ग्वालों का राजा दसोजी, धनुष एवं बाण को धारण करने वाला योगाजी भाडकर, संताजी गुंजावटकर, मेघाजी ठाकूर, भाई त्र्यंबकराज एवं अभिमानी दत्तराज, इन्होनें एवं अन्य सैकडों सेनापतियों ने एवं अनेक पृष्ठभाग के रक्षकों ने चारों ओर से शहाजी राजा की रक्षा की।
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