कार्तिकय की तीक्ष्ण शक्ति क्रौंच पर्वत पर जैसे गिर जाती है, वैसे ही बाजराज की गदा से भिन्न होकर गिर जाने पर, उस उत्कृष्ट खंडोजी पाटील का स्वर्गवास हो गया। तब शत्रुसेनाओं द्वारा पीडित होकर अपने सेना के अत्यधिक अधीर हो जाने पर शिरखाण को मजबूत बांधकर, पगड़ी के पट्टे को खुला छोडकर, बाल को लेकर, कवच पहनकर, उन्नत, उत्कृष्ट धनुर्धर, भाला फेंकने में एवं क्रीडा में निपुण, ऐसा युद्ध कुशल महाबाहु शहाजी महाराज जैसे बादल पर बादल आरुद होता है, वैसे ही एक बड़े घोड़े पर सवार होकर बाजराज घोरपडे को मारने की इच्छा से शीघ्र उस पर आक्रमण किया।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
शिवभारतम् के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।
सभी अध्याय उपलब्ध
शिवभारतम् के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।