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शिवभारतम् • अध्याय 12 • श्लोक 23
स भीमेन समस्तानि समस्तानि समन्ततः। आपतंत्यायुधीयानामायुधानि समन्ततः ।॥ द्विधा चक्रेऽसिना स्वेन कानिचिच्च त्रिधा त्रिधा। कानिचित् पञ्चधा चापि नवधा दशधा तथा।।
चारों तरफ से योद्धाओं के द्वारा फेंके गए सभी शस्त्र जब शरीर पर आकर गिरने लगे तो उनमें से अपने भयंकर तलवार से किसी के दो तुकडे, किसी के तीन-तीन तुकडे, किसी के पांच उसी प्रकार किसी के नौ, किसी के दस तुकडे किये।
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