मुख्य पृष्ठ शास्त्र परिचय ऐप इंस्टॉल करें
शिवभारतम् • अध्याय 12 • श्लोक 2
असन्नाहितमातङ्गमपल्याणितसैन्धवम्। असज्जयोधसंदोहमसुप्तोत्थितनायकम्।। यामिनीजागरोद्दामक्लमनिद्राणयामिकम्। शिबिरं तत्तदातंक वशाद्वैहस्त्यमाददे ।।
इधर शहाजी के शिबिर में हाथी पर जीन चढ़ाए नहीं थे, घोड़े को काठी नहीं पहनाई थी, सैनिकों के वल सज्ज नहीं थे, सेनापति अभी अभी सो कर उठे थे, रात्रि के जागरण से चौकीदार अतिशय तन्द्रा में थे, इस कारण अनेक प्रकार से भयभीत होकर अचानक उस शिबिर में भगदड़ मच गई।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
शिवभारतम् के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।

सभी अध्याय उपलब्ध

शिवभारतम् के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।

सरल अर्थ

प्रत्येक श्लोक के साथ स्पष्ट हिंदी अनुवाद।

ऑफलाइन पढ़ें

इंटरनेट के बिना भी ग्रंथ पढ़ें।
Krishjan
धर्म का अन्वेषण
ऐप इंस्टॉल करें