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शिवभारतम् • अध्याय 11 • श्लोक 6
रणदूलहखानेन खलेनोपहतं बलात्। भद्रासनं स्वमध्यास्त वीरभद्रोऽस्य संश्रयात् ।।
दुष्ट रणदुल्लाखान के द्वारा बलात लिए गए अपने सिंहासन पर शिवाजी के आश्रय से वीरभद्र पुनः बैठ गया।
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