जिनके साथ मध्यरात्रि में मुस्तुफाखान ने बहुत समय तक मन्त्रणा की थी, वे सेनानायक अपने-अपने शिविरों में तैयार होकर स्थित है, इस प्रकार गुप्तचरों के द्वारा आकर बताने पर उसको सुनकर भी अत्यन्त बलशाली शहाजी राजा ने दुर्भाग्य से तत्काल उचित कार्य नहीं किया।
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