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शिवभारतम् • अध्याय 11 • श्लोक 3
कवीन्द्र उवाच - षाड्गुण्यस्य प्रयोगेण तत्तन्मन्त्रबलेन च। वशीचकार सकलं शाहः कर्णाटमण्डलम् ।।
कविंद्र बोले - संधि, विग्रह, यान, आसन, संश्रय एवं द्वैध इन षाड्गुण्यों का प्रयोग करके तथा विविध प्रकार की कूट नीतियों के बल पर शाह जी ने संपूर्ण कर्नाटक को अपने अधीन कर लिया था।
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