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शिवभारतम् • अध्याय 11 • श्लोक 29
मन्त्रमेतदविद्धास्ते निशि यस्यामन्त्रयन्। तस्यामेव महोत्पाताः शाहस्य शिबिरेऽभवन्।।
यह मन्त्रणा उन यवनों ने जिस रात्रि में की थी, उसी रात्रि में शहाजी के शिविर में बड़ा उत्पात मच गया था।
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