कथं च महमूदोऽपि तस्मिन् विजितविद्विषि।
प्रसिद्धायोधनोत्साहे शाहे स्वयमवर्तत।।
जिसने शत्रुओं को जीत लिया है एवं जिसके युद्ध का पराक्रम प्रसिद्ध है ऐसे शहाजी के साथ स्वयं महमूदशाह किस प्रकार का व्यवहार करता था?
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