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शिवभारतम् • अध्याय 11 • श्लोक 14
उभावपि तदा तत्र वखाण्याभरणानि च। कुंजरास्तुरगांवोच्चैरन्योन्यमुपजहुतुः ।।
उस समय उन दोनों ने वहां वस्त्र, आभूषणं, हाथी, घोड़े, ये सब परस्पर विपुल मात्रा में अर्पित किए।
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