मनीषिण उचुः -
यथा देशात् भगवतो देवस्य त्रिपुरद्विषः। पुण्यदेशं प्रति नृपः प्रेषयामास तं शिवम् ।।
यथा च पुण्यविषयं प्राप्तस्स पितुराज्ञया। कवीन्द्र परमानन्द तथा त्वमभिधेहि नः ॥
पंडित बोले - भगवान शंकर की आज्ञा से शिवाजी को शहाजी ने पुणे कैसे भेजा? और पिता की आज्ञा से वह शिवाजी पुणे कैसे गया? हे कविश्रेष्ठ! परमानंद हमें बताओ।
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