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शिवभारतम् • अध्याय 1 • श्लोक 78
ततस्तमुत्सवं श्रुत्वा सुतजन्मसमुद्भवम्। पीयूषवर्षसंसिक्तप्रतीक इव सोऽभवत्।।
पुत्र के जन्म की खुशखबरी सुनकर मानो उसका पूरा शरीर अमृत, की वर्षा से सिंचित हो गया हो। (इतना वह हर्षित हुआ)
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