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शिवभारतम् • अध्याय 1 • श्लोक 7
कवीन्द्र परमानन्दं परमानन्दविग्रहम्। दृष्ट्वा प्रमुदितास्तत्र विज्ञाः काशीनिवासिनः ।।
परमानंद की प्रतिमूर्ति जो गोविंद भट्ट के पुत्र हैं ऐसे कवियों में श्रेष्ठ सर्वगुण संपन्न परमानंद को देखकर काशी के निवासी पंडितों को अत्यंत हर्ष हुआ।
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