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शिवभारतम् • अध्याय 1 • श्लोक 65
अथ विठ्ठलराजोऽस्य भ्राता भीमपराक्रमः। समेतस्स्वपताकिन्या भेजे धारागिरीश्वरम्।।
उसका भीम के समान पराक्रमी विठ्ठल नाम का भाई भी अपनी सेना के साथ आकर निजामशाह के साथ मिल गया।
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