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शिवभारतम् • अध्याय 1 • श्लोक 60
तमसेवन्त सततं यवनानामधीश्वरम्। सर्वे यादवराजाद्या दाक्षिणात्याः क्षमाभुजः ।।
यादवादि दक्षिण के सभी राजा सदैव उस यवनाधिपति राजा की सेवा में लगे रहते थे।
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