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शिवभारतम् • अध्याय 1 • श्लोक 56
दीर्घाश्च दीर्घिकाः स्वर्णसोपानपथभूषिताः। धर्मात्मा कारयामास प्रपाश्शालाश्च भूरिशः ।।
सोने की सीढ़ियों से युक्त बड़े-बड़े कुओं का, अनेक जल-कुंडों का तथा धर्मशालाओं का निर्माण करवाया।
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